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कंपनी द्वारा किसानो को उच्च क्वालिटी की पौंध सामग्री दी जाती है लेकिन जीवित पौधों पर कोई गारंटी/वारंटी नहीं दी जा सकती क्योंकि किसान के खेत में पौंधे लगने के पश्चात् कीट/कवक/मिट्टी जनित बीमारियों/मौसम की स्थिति/पानी की कमी इत्यादि के कारण पौंधो में मृत्यु दर किसी भी समय संभव है। हमारा मानना है कि किसान यूएचडीपी सेब बागान के उच्च जोखिम/मृत्यु दर और उपज लाभ दोनों के बारे में पूरी तरह से जागरूक हैं। अतः हम समझते हैं की किसान ये भी अच्छी तरह से जनता है कि UHDP सेब के बागान लगने के दौरान 10 -15 % तक पौंधो में मृत्यु दर संभव है।

  1. यद्यपि कंपनी किसान की मेहनत को महत्वपूर्ण समझती है अतः यदि किसान के बगीचे में हमसे पौंधे ले जाने के पश्चात् 40 दिनों के भीतर कुल पौंधो की 10 % से ज्यादा मृत्यु दर रहती है तो कंपनी द्वारा निम्न नियम व शर्तों के आधार पर कुल मृत पौंधो का 50 % निःशुल्क प्रतिस्थापन दिया जायेगा तथा यदि कोई किसान पूर्ण प्रतिस्थापन चाहता है तो वो शेष 50 % पौंधे वास्तविक मूल्य के आधे मूल्य (अर्थात 50 % डिस्काउंट on MRP) 275 रूपये प्रति पौंधा की दर से ले सकता है।
    उदहारण –
    I. यदि किसी किसान ने 250 पौंधे लिए तो तथा 40 वे दिन वो 100 पौंधे मृत होने का दावा करता है तथा वो आगे दी हुई शर्तों के आधार पर प्रतिस्थापन के लिए पात्र होता है तो उसे 50 पौंधे निशुल्क तथा शेष 50 पौंधे 275 रूपये प्रति पौंधे की दर से दिए जायेंगे।
    II. यदि किसी किसान ने 250 पौंधे लिए तथा वो 40 वे दिन 25 पौंधे या इससे कम पौंधे मृत होने का दावा करता है तो उसे प्रतिस्थापन नहीं दिया जायेगा, क्योंकि जैसा कि कंपनी का मानना है कि किसान भी जानता है कि UHDP सेब के बागान में कई बार पूर्ण सावधानी बरतने के पश्चात् भी 10 -15 % तक पौंधो की मृत्यु होने का जोखिम हो सकता है।
  2. प्रतिस्थापन में केवल 5 फैदर पौंधे ही दिए जायेंगे। यद्यपि किसान ने पहले 7+ फैदर पौंधे ही क्यों न लिए हों।
  3. उपरोक्त प्रतिस्थापन पॉलिसी का फायदा उठाने के लिए किसान को पौंधे ले जाने के 40 वे दिन एरिया सुपरवाइजर/एरिया मैनेजर को लिखित रूप से मृत पौंधों के सन्दर्भ में अवगत करना होगा। लिखित रूप से मृत पौंधो की जानकारी प्राप्त होने के पश्चात् केवल उस किसान को उपरोक्तानुसार प्रतिस्थापन दिया जायेगा जिसने पौंधे ले जाने से अगले 40 दिनों तक निम्न शर्तों का पालन किया होगा –
    I. जिस किसान द्वारा जोखिम कारकों को कम करने के लिए इंडोडच कंपनी से मार्गदर्शन और एरिया सुपरवाइजर द्वारा रोपण से पहले और बाद में प्रदत्त आवश्यक सावधानियों/दिशानिर्देशों लिए हो तथा उनके पालन करने की सलाह दी जाती है।
    II. जिस किसान द्वारा पौंधे प्राप्त करने के पश्चात् की अपनी समस्त गतिविधियों जैसे कि पौंधे को प्री एक्टिवेशन चैम्बर में 24 72 घंटो के लिए रखना, पौधरोपण से पहले रुट ट्रीटमेंट, फिर खेतो में लगाने का तरीका, पौंधे लगने के पश्चात प्रत्येक दिन (on every day) कि आवश्यक गतिविधियां जैसे कि ड्रिप चलाना/पर्याप्त मात्रा में बगीचे में पानी चलाते हुए, दिन में तेज धुप होने के दौरान पौंधे के ऊपरी भाग में दिन में कम से कम एक बार पानी का स्प्रे किया जाना इत्यादि एरिया सुपरवाइजर/एरिया मैनेजर द्वारा प्रदत्त दिशा निर्देशानुसार आवश्यक गतिविधियों की नियमित रूप से फोटो/वीडियो एरिया सुपरवाइजर को भेजी हो ।
    III. तथा पौंधे लगने के 10 दिन पश्चात सप्ताह में एक बार पुरे बगीचे में उन पौंधो की वीडियो भेजी हो जिन पौंधो में पत्तियों का प्रस्फुटन न हुआ हो जो कि अगले 30 दिनों के अंदर सप्ताह में एक बार अर्थात कम से कम 4 बार एरिया सुपरवाइजर को भेजी हो।
    IV. किसान द्वारा उक्त क्रियाकलापों की फोटो/वीडियो को एरिया सुपरवाइजर/एरिया मैनेजर द्वारा उसकी सत्यता की जांच कर सत्यापित किया जायेगा।
  4. यदि कोई किसान उपरोक्त शर्तों में से एक शर्त का भी पालन करने में लापरवाही करता है तो वो प्रतिस्थापन लेने के लिए पात्र नहीं होगा।
  5. किसान को ये भी समझना होगा कि जीवित पौधे कारखाने में उत्पादित नहीं होते है अतः कुछ हद तक कभी-कभी प्राकृतिक विविधता भी संभव हो सकती है, अतः कंपनी किस्म की शुद्धता की 90% तक की गारंटी लेती है।
  6. कंपनी सुझाव देती है कि किसानों को समय-समय पर तकनीकी सलाह और रखरखाव का पालन और कार्यान्वयन करना चाहिए।